कमरे पर बुलाते, आपत्तिजनक स्थिति में बनाते विडियो, फिर करते ब्लैकमेल....डेटिंग ऐप के नाम पर ब्लैकमेल गैंग का भंडाफोड़
punjabkesari.in Friday, Apr 03, 2026 - 10:24 AM (IST)
नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर-126 थाना पुलिस ने ऑनलाइन डेटिंग ऐप के माध्यम से लोगों को फंसाकर ब्लैकमेल और धन उगाही करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक डायमंड सॉलिटेयर, एक सोने की चेन और चौदह हजार रुपये से अधिक नकद बरामद किए हैं।
अलग-अलग राज्यों के रहने वाले हैं आरोपी
पुलिस ने बताया कि, सेक्टर 126 थाना पुलिस द्वारा ळलोकल इंटेलिजेंस की सहायता से की गई कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुशांक सिंह, प्रदीप, रोहित कुमार और वासु के रूप में हुई है। सभी आरोपी अलग-अलग राज्यों के रहने वाले हैं और नोएडा क्षेत्र में किराए के मकानों में रहकर अपराध को अंजाम दे रहे थे। जांच एवं पूछताछ में सामने आया कि आरोपी फर्जी आधार काडर् के जरिए किराए पर कमरा लेते थे और अपनी असली पहचान छिपाते थे। इसके बाद ये लोग विभिन्न ऑनलाइन डेटिंग ऐप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क करते थे। जब कोई व्यक्ति मिलने के लिए तैयार होता, तो उसे अपने किराए के ठिकाने पर बुलाया जाता।
आपत्तिजनक स्थिति में फंसाकर फोटो और वीडियो बनाते
वहां आरोपी पीड़ित को आपत्तिजनक स्थिति में फंसाकर उसके फोटो और वीडियो बना लेते थे। इसके बाद उन तस्वीरों को वायरल करने और परिवारजनों को भेजने की धमकी देकर पीड़ति से मोटी रकम वसूली जाती थी। कई मामलों में आरोपी पीड़तिों से नगद पैसे के अलावा उनके सोने-चांदी के आभूषण भी छीन लेते थे। इस तरह यह गिरोह संगठित रूप से ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली और लूट जैसी वारदातों को अंजाम दे रहा था।
चोरी के मोबाइल फोन और सिम कार्ड का इस्तेमाल करते थे आरोपी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी चोरी के मोबाइल फोन और सिम कार्ड का इस्तेमाल करते थे, जिससे उनकी पहचान ट्रेस करना मुश्किल हो जाता था। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सेक्टर-126 थाना में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। साथ ही, एक आरोपी के खिलाफ पहले से दिल्ली के हर्ष विहार थाने में भी मुकदमा दर्ज है।
पुलिस ने की लोगों से अपील
नोएडा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन डेटिंग ऐप का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें और किसी अनजान व्यक्ति से मिलने से पहले उसकी पूरी जानकारी अवश्य जांच लें। संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि इस तरह के अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

