नियुक्तियों में भ्रष्टाचार: सहकारिता विभाग के पूर्व अधिकारियों समेत 6 पर केस दर्ज

10/28/2020 7:49:38 PM

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार के कार्यकाल के दौरान हुई नियुक्तियों में हुए कथित घोटाले के मामले में कोऑपरेटिव बैंक और सहकारी संस्थागत सेवा बोर्ड के तत्कालीन अधिकारियों समेत छह लोगों के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर मामला दर्ज किया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि नियुक्तियों में घोटाले के मामले में उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशकों हीरालाल यादव और रवि कांत सिंह, उत्तर प्रदेश सहकारी संस्थागत सेवा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रामजतन यादव, बोर्ड के सचिव राकेश मिश्रा, सदस्य संतोष कुमार श्रीवास्तव और कंप्यूटर एजेंसी के ऑपरेटर रामप्रवेश यादव के खिलाफ मंगलवार शाम मामला दर्ज किया गया।

उन्होंने बताया कि मामले में कोऑपरेटिव बैंक और बोर्ड के कुछ अज्ञात अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है। सभी पर भारतीय दंड विधान की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (धांधली), 468 (धोखा देने की नियत से अनियमितता), 471 (फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करना) तथा 120 बी (साजिश रचना) के तहत मामला दर्ज हुआ है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2013 में तत्कालीन सपा सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन और 2015-16 में उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव विलेज डेवलपमेंट बैंक लिमिटेड में हुई नियुक्तियों की जांच के लिए विशेष अनुसंधान दल गठित करके एक महीने के अंदर रिपोर्ट मांगी थी।

मुख्यमंत्री ने दल की रिपोर्ट को संज्ञान में लेकर गत 23 अक्टूबर को इस मामले में मामला दर्ज करने के निर्देश दिए थे। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता के मुताबिक वर्ष 2015-16 में उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव बैंक में सहायक प्रबंधक के पदों पर नियुक्ति में कथित रूप से भ्रष्टाचार हुआ था। प्रवक्ता के अनुसार इसके अलावा 2016-17 में प्रबंधक और कैशियर के पदों पर नियुक्ति में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे।
 


Ramkesh

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