उरई में सिपाही का खौफनाक कदम! नए साल की बधाई ना मिलने पर पत्नी से झगड़े के बाद निगला जहर, पुलिस महकमे में हड़कंप
punjabkesari.in Monday, Jan 05, 2026 - 08:03 AM (IST)
Jalaun News: उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के उरई में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां यूपी पुलिस में तैनात एक सिपाही ब्रह्मजीत ने अपनी पत्नी से नए साल की बधाई न मिलने पर आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की। मामूली पारिवारिक विवाद ने सिपाही को इतना परेशान कर दिया कि उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया। सौभाग्य से समय रहते पुलिस और मेडिकल टीम की मदद से उसकी जान बचा ली गई। इस घटना ने न केवल पुलिस महकमे में सनसनी मचा दी, बल्कि पुलिसकर्मियों के मानसिक तनाव और पारिवारिक दबाव की गंभीर तस्वीर भी सामने रखी।
रात का खौफनाक फोन कॉल
घटना शुक्रवार रात की है। पूरे जिले में नए साल और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अलर्ट पर थी। उरई कोतवाली के सरकारी आवास में रहने वाले ब्रह्मजीत अपनी पत्नी अंजना से छोटे-मोटे झगड़े के बाद अचानक घर से बाहर चले गए। कुछ देर बाद उन्होंने पत्नी को फोन किया और कांपती आवाज में कहा, “मैंने जहर खा लिया है, अब मैं नहीं बचूंगा।” इतना कहकर उन्होंने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया। पिता-पुत्री का यह कॉल सुनकर अंजना सहम गई और तुरंत थाने को सूचना दी। सिपाही के जहर खाने की खबर पाते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
जंगल में सर्च ऑपरेशन और मोबाइल लोकेशन से पता चला स्थान
एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने तुरंत पुलिस की टीम और सर्विलांस सेल को सक्रिय किया। मोबाइल बंद होने के कारण सटीक लोकेशन पता करना मुश्किल था, लेकिन तकनीकी टीम ने आखिरी कॉल से एक्टिव टावर का पता लगाया। लोकेशन उरई के पास एक सुनसान जंगली इलाके की मिली। भारी पुलिस बल और टॉर्च की रोशनी में रात के अंधेरे में सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने ब्रह्मजीत को एक झाड़ी के पीछे बेसुध हालत में पाया। उसके मुंह से झाग निकल रहा था और वह पूरी तरह होश खो चुका था। पुलिस ने तुरंत उसे अपनी गाड़ी में लादकर राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचाया।
अस्पताल में इलाज और सुधार
अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों ने तुरंत उसका उपचार शुरू किया। शनिवार दोपहर तक सिपाही की हालत में काफी सुधार देखा गया। एसपी जालौन डॉ. दुर्गेश कुमार ने बताया कि ब्रह्मजीत मूल रूप से अलीगढ़ जिले के ग्राम जगदेव नगरिया का रहने वाला है। वह 2020 बैच का सिपाही है और उरई कोतवाली में तैनात है। जांच में सामने आया कि नववर्ष के अवसर पर पत्नी से बधाई न मिलने के कारण मामूली विवाद हुआ, जो बढ़कर मानसिक अवसाद में बदल गया।
पुलिस बल में बढ़ता मानसिक तनाव
यह घटना पुलिसकर्मियों के बढ़ते मानसिक तनाव और निजी समस्याओं को उजागर करती है। युवा सिपाही का करियर अभी शुरू ही हुआ था, लेकिन मामूली पारिवारिक झगड़े ने उसे इतना तोड़ दिया कि उसने मौत चुनने का कदम उठाया। डॉक्टरों ने बताया कि समय रहते अस्पताल पहुंचने के कारण जहर का असर फैलने से पहले ही रोका गया। फिलहाल ब्रह्मजीत आईसीयू में डॉक्टरों की निगरानी में है और पुलिस टीम उसकी काउंसलिंग की तैयारी कर रही है।
परिवार और पुलिस का संदेश
सुपरिंटेंडेंट ने अन्य पुलिसकर्मियों को चेताया है कि किसी भी मानसिक या पारिवारिक तनाव के समय वे अपने वरिष्ठ अधिकारियों से बात करें। ब्रह्मजीत के परिवार वालों को अलीगढ़ से बुला लिया गया है। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि क्या विवाद केवल नए साल की बधाई न देने का था या इसके पीछे कोई और कारण भी छिपा है। फिलहाल, ब्रह्मजीत की हालत खतरे से बाहर है, लेकिन यह घटना पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन की संवेदनशील स्थिति की एक दुखद तस्वीर पेश करती है।

