आयशा आत्महत्या प्रकरण : मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य ने की इमामों से अपील

3/4/2021 11:50:31 AM

लखनऊ, चार मार्च (भाषा) ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने गुजरात में कथित रूप से दहेज प्रताड़ना के कारण हाल में एक मुस्लिम महिला के साबरमती नदी में कूदकर आत्महत्या की घटना पर चिंता जाहिर करते हुए इस सिलसिले में सभी मस्जिदों के इमामों से जागरूकता फैलाने की अपील की है।
इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बृहस्पतिवार को एक बयान में कहा कि कुछ दिन पहले गुजरात के अहमदाबाद में कथित रूप से दहेज प्रताड़ना से परेशान आयशा आरिफ खान नामक विवाहिता ने साबरमती नदी में कूदकर जिस तरह खुदकुशी की, उसने पूरे मुस्लिम समाज को चिंता में डाल दिया है।
उन्होंने कहा "मस्जिदों के इमामों से अपील है कि वे जुमे की नमाज से पहले किए जाने वाले खुतबे (भाषण) में निकाह के सिलसिले में लागू इस्लामी आदेशों और अल्लाह तथा रसूल द्वारा निर्धारित शौहर तथा बीवी के अधिकारों एवं कर्तव्यों के बारे में साफ तौर पर आसान भाषा में नमाजियों के सामने बयान करें। ताकि आयशा द्वारा आत्महत्या जैसी दुखद घटनाएं रोकी जा सकें।" मौलाना ने कहा "निकाह जैसे नेक काम के दौरान दहेज की जो मांग की जाती है वह गैर शरई और हराम है। मुसलमानों का एक समूह ऐसा है जिसमें यह गैर इस्लामी और गैर इंसानी रिवाज कायम है।" उन्होंने अपील की कि तमाम मुसलमान इस बात का वादा करें कि वह अपने बच्चों की शादियों में ना तो दहेज लेंगे और ना ही देंगे तभी लोगों को इस बड़े जुर्म से छुटकारा मिलेगा।


गौरतलब है कि एक दिन पहले एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने भी लोगों से दहेज की बुराई को खत्म करने की अपील की थी।
ओवैसी ने कहा था कि मैं सभी लोगों से अपील कर रहा हूं चाहे आप किसी भी मजहब से हों दहेज की लालच को खत्म करिए। उन्होंने कहा कि अगर तुम मर्द हो तो बीवी पर जुल्म करना मर्दानगी नहीं है।... बीवी से पैसों मुतालबा (मांग) करना मर्दानगी नहीं है। तुम मर्द कहलाने के लायक नहीं हो अगर ऐसी हरकत करोगे।











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PTI News Agency

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