UP में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की दर्दनाक मौत, ये सब्जी खाने से दिमाग में बन गईं 25 गांठें, बर्गर-नूडल्स का अधिक सेवन बना काल!

punjabkesari.in Sunday, Jan 04, 2026 - 12:09 PM (IST)

अमरोहा : यूपी के अमरोहा जिले से एक बेहद ही चौंकाने वाला और मन को विचलित करने वाला मामला सामने आया है। इस मामले ने फास्ट फूड और असाफ-सुथरे खाने से होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को उजागर कर दिया है। बर्गर और नूडल्स जैसे फास्ट फूड का अधिक सेवन करने से नीट की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा इलमा कुरैशी की दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक, पत्ता गोभी के जरिए इलमा के शरीर में एक कीड़ा दिमाग तक पहुंच गया, जिससे वहां करीब 25 गांठें बन गईं।

मेहनती छात्रा थी इलमा कुरैशी 
इलमा कुरैशी अमरोहा के गजरौला थाना क्षेत्र अंतर्गत चुचैला कलां गांव की रहने वाली थी। कबाड़ का काम करने वाले नदीम कुरैशी की बड़ी बेटी इलमा एक प्राइवेट स्कूल में इंटरमीडिएट की छात्रा थी और साथ ही नीट की तैयारी कर रही थी। परिवार के मुताबिक, इलमा पढ़ाई में होशियार थी और डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी, लेकिन किसे पता था कि खानपान की एक आदत उसकी जिंदगी छीन लेगी। 

कैसे बिगड़ी तबीयत?
इलमा की तबीयत अचानक बिगड़ी, जिससे परिवार के सामने एक बड़ा हादसा आया। परिजनों ने बताया कि करीब एक महीने पहले उसे टाइफाइड हुआ था। शुरुआती इलाज के बाद कुछ सुधार आया, लेकिन जल्दी ही उसकी हालत फिर गंभीर हो गई। पहले उसे नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सीटी स्कैन और एमआरआई रिपोर्ट में दिमाग में 7-8 गांठें पाई गईं। इलाज के बाद हालत कुछ हद तक ठीक हुई, लेकिन कुछ दिनों में दिमाग में गांठों की संख्या बढ़कर 25 तक पहुंच गई। डॉक्टर भी इस तेजी से बढ़ोतरी देखकर हैरान रह गए।

दिल्ली ले जाने के बाद भी नहीं बची जान
हालत गंभीर होने पर 22 दिसंबर को परिजन इलमा को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां दिमाग का ऑपरेशन किया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद 29 दिसंबर को इलमा की मौत हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि पत्ता गोभी के जरिए शरीर में प्रवेश करने वाला परजीवी (कीड़ा) दिमाग तक पहुंच गया था, जिसने गांठों का रूप ले लिया और जानलेवा साबित हुआ।

यह पहला मामला नहीं
यह पहला मामला नहीं है। इससे ठीक एक सप्ताह पहले अमरोहा के अफगानान मोहल्ले में 11वीं की छात्रा अहाना की भी दिल्ली एम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। डॉक्टरों ने बताया कि लगातार फास्ट फूड और असंतुलित भोजन के कारण उसका पाचन तंत्र पूरी तरह प्रभावित हो गया था, जिससे संक्रमण फैल गया और ऑपरेशन के बाद भी उसकी जान नहीं बच सकी।

विशेषज्ञों की चेतावनी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि असाफ-सुथरा फास्ट फूड, बिना धोई गई सब्जियां और संतुलित आहार की कमी से शरीर में संक्रमण और परजीवी तेजी से फैल सकते हैं। ये परजीवी कभी-कभी दिमाग जैसी संवेदनशील जगह तक पहुंचकर जानलेवा साबित हो सकते हैं। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से यह साफ हो गया है कि खाने-पीने में साफ-सफाई और संतुलित आहार का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। थोड़ी-सी लापरवाही भी जिंदगी के लिए खतरा बन सकती है।
 


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Content Editor

Purnima Singh

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