UP में ISI जासूसी नेटवर्क का खुलासा! भारत को दहलाना चाहता था पाकिस्तान, जासूसों के मोबाइल में मिले अहम स्थानों और मंदिरों के फोटो-वीडियो
punjabkesari.in Thursday, Mar 19, 2026 - 01:27 PM (IST)
हापुड़ : पाकिस्तान के एक गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े दो कथित गुर्गों को सीमा पार बैठे अपने आकाओं को धार्मिक स्थलों एवं महत्वपूर्ण स्थानों की तस्वीरें, वीडियो और 'लोकेशन' (स्थान विवरण) भेजने के आरोप में हापुड़ जिले के धौलाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की पहचान धौलाना के पीपलहड़ा निवासी अजीम राणा और मेरठ जिले के जई गांव निवासी आजाद राजपूत के रूप में हुई है।
ISI जासूसी नेटवर्क से जुड़े थे दोनों आरोपी
उन्होंने बताया कि धौलाना पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला कि राणा दिल्ली के एक मॉल में सूखे मेवे का ठेला लगाता है जबकि राजपूत गुरुग्राम की एक पाइप फैक्टरी में ठेकेदार के रूप में काम करता है। पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि ये दोनों दिसंबर 2025 से सोशल मीडिया मंचों के जरिये पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) समर्थित नेटवर्क के संपर्क में थे।
सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप के जरिए भेजते थे डेटा
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पश्चिमी दिल्ली में एक मेट्रो स्टेशन क्षेत्र, पास के एक मंदिर और उससे लगी रिहायशी कॉलोनियों की तस्वीरें, वीडियो और 'लोकेशन' संबंधी जानकारी अपने आकाओं के साथ साझा की थी। उन्होंने ग्रेटर नोएडा के बिसरख क्षेत्र के भी एक मंदिर से जुड़ी इसी तरह की जानकारियां कथित तौर पर भेजीं। अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप सहित संदेश भेजने वाले मंचों के जरिये अपने आकाओं के नियमित संपर्क में थे और उन्होंने दिल्ली के एक प्रमुख मंदिर की भी टोह ली थी।
यह भी पढ़ें : UP वालों झोला उठाकर मटन खरीदने मत निकल जाना... नवरात्र में 9 दिन तक बंद रहेंगी मांस की दुकानें, मुसलमानों की होगी वेज वाली ईद?
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के पाकिस्तान स्थित आकाओं के निर्देश पर ये जानकारियां साझा की जा रही थीं जिससे धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की किसी बड़ी साजिश की आशंका पैदा होती है। अधिकारियों को संदेह है कि इस जानकारी का इस्तेमाल अतीत की घटनाओं की तरह किसी बड़े आतंकवादी हमले की योजना बनाने के लिए किया जाना था। ये गिरफ्तारियां केंद्रीय खुफिया एजेंसियों से मिली सूचना के बाद की गईं। इसके बाद खुफिया ब्यूरो (आईबी) और आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) सहित कई एजेंसियां जांच में शामिल हो गईं और उन्होंने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने और आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। पुलिस धौलाना क्षेत्र में इन दोनों के स्थानीय संपर्कों का भी सत्यापन कर रही है।

