अपराध पर वाराणसी जोन पुलिस का डिजिटल वार, शुरू हुआ ‘पुलिस सतर्क मित्र’ चैटबॉट
punjabkesari.in Friday, Jan 23, 2026 - 06:14 PM (IST)
वाराणसी: उत्तर प्रदेश में अपराध पर लगाम कसने और आम जनता की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से वाराणसी जोन पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। वाराणसी रेंज के डीआईजी वैभव कृष्ण द्वारा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई पुलिस सतर्क मित्र व्हाट्सएप चैटबॉट सेवा की सफलता के बाद अब इसे पूरे वाराणसी जोन में लागू कर दिया गया है। 23 जनवरी को एडीजी वाराणसी जोन पीयूष मोर्डिया और डीआईजी वैभव कृष्ण ने एक साथ जोन के सभी नौ जिलों में इस व्यवस्था की शुरुआत की।
इसी कड़ी में पुलिस लाइन गाजीपुर में "पुलिस सतर्क मित्र" की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न की गई। जिसमे अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन वाराणसी की अध्यक्षता में 'पुलिस सतर्क मित्र' पहल की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। तकनीक और जनता के अटूट तालमेल से अपराधियों पर कड़ा प्रहार किया जा रहा है। जिससे सुरक्षित समाज के लिए तकनीकी तरीके से "पुलिस सतर्क मित्र" काम करेगी।
सकारात्मक प्रतिक्रिया आई सामने
इससे पहले 20 जनवरी से गाजीपुर, चंदौली और जौनपुर जिलों में इस सेवा का ट्रायल किया गया था, जहां से पुलिस को उल्लेखनीय इनपुट मिले। इसी सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद इसे जोन स्तर पर विस्तार दिया गया है। पुलिस सतर्क मित्र नामक यह व्हाट्सएप चैटबॉट पूरी तरह ऑटोमेटेड सिस्टम पर आधारित है, जिसे डीआईजी वैभव कृष्ण की पहल पर विकसित कराया गया है। इसके लिए जारी नंबर 7839860411 पर आम नागरिक बिना किसी डर के सूचना साझा कर सकते हैं।
आपराधिक गतिविधियों की जानकारी साझा कर सकते हैं लोग
इस सेवा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सूचना देने वाले का नाम और मोबाइल नंबर पुलिस को दिखाई नहीं देता। ऐसे में लोग बेझिझक अपने इलाके में हो रही अवैध और आपराधिक गतिविधियों की जानकारी दे सकते हैं। प्राप्त सूचनाओं पर पुलिस प्रभावी कार्रवाई करेगी और उनकी साप्ताहिक व मासिक समीक्षा भी की जाएगी। फोटो और वीडियो के आधार पर मामलों की संवेदनशीलता तय कर कार्रवाई की जाएगी।
एडीजी पीयूष बोले- पुलिस और जनता के बीच भरोसे का सेतु है
पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वाराणसी जोन के सभी जिलों के पुलिस कप्तान और मीडिया प्रतिनिधि जुड़े। एडीजी पीयूष मोर्डिया ने इस पहल को पुलिस और जनता के बीच भरोसे का सेतु बताया। कार्यक्रम में एसएसपी डॉ. अनिल कुमार, एसपी ग्रामीण चिराग जैन, एसपी सिटी मधुबन कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
व्हाट्सएप पर “Hi” संदेश भेजकर सवालों के देने होते हैं जवाब
पुलिस सतर्क मित्र पर गौहत्या, गौ तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियार, जुआ-सट्टा, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध, पुलिस भ्रष्टाचार, मानव तस्करी और अवैध खनन जैसी गतिविधियों की शिकायत की जा सकती है। इस सेवा के लिए किसी अलग ऐप की जरूरत नहीं है। केवल व्हाट्सएप पर “Hi” संदेश भेजकर भाषा चुननी होती है और पूछे गए सवालों के जवाब देने होते हैं।
शिकायतें पर पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस आंकड़ों के मुताबिक, 20 दिसंबर 2025 से 33 दिनों में इस चैटबॉट के जरिए 203 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें अवैध खनन, अवैध वसूली, गौ तस्करी, जुआ, छेड़खानी, धर्मांतरण, विदेश भेजने के नाम पर ठगी और अवैध हथियारों से जुड़े कई मामले शामिल हैं, जिन पर पुलिस ने कार्रवाई की है। डीआईजी वैभव कृष्ण ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट को बेहद अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इसी वजह से अब इसे व्यापक स्तर पर लागू किया गया है, ताकि आपराधिक गतिविधियों पर समय रहते अंकुश लगाया जा सके।

