वीरांगना नगरी झांसी में हर्षोल्लास से मनाई गई स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ

punjabkesari.in Sunday, Aug 15, 2021 - 04:16 PM (IST)

झांसी: उत्तर प्रदेश की वीरांगना नगरी झांसी में 75वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न रविवार को पूरे उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मातृभूमि की रक्षा में अपने सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीरों की याद करते हुए मनाया गया । पूरे देश में अमृत महोत्सव के रूप में मनाये जा रहे जश्न ए आजादी के दिन यहां सभी सरकारी इमारतों के साथ साथ 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ 56 इंच का सीना तानकर खड़ी हुई महारानी लक्ष्मीबाई की आन बान और शान के प्रतीक किले को भी तिरंगे और तीन रंग के गुब्बारों से सजाया गया। इस अवसर पर मंडलायुक्त डॉ़ अजय शंकर पांडेय ने आयुक्त कार्यालय में ध्वजारोहण किया और अपने संदेश में मंडलवासियों को स्वतंत्रतादिवस की बधाई देते हुए कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों में अंग्रेजों को देश से बाहर करने का जज्बा इतना प्रबल था कि वे आजादी हासिल करके ही माने। उसी तरह अगर आज हम वही जज्बा खुद में आत्मसात कर लें तो कोई कारण नहीं कि हमारे देश के कई समस्याएं खुद बा खुद की सुलझ जायेंगी। आम जनता भी स्वतंत्रता आंदोलन के आर्दशों को अपने भीतर समाहित करे और जो भी काम वह कर रहे हैं उसे ठीक उसी मनोभाव से करें जैसे स्वतंत्रतासेनानियों ने आजादी की लड़ाई में किया था। 

इस अवसर पर किले पर पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) जोगेंद्र सिंह, जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर डीआईजी ने मंडल वासियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि आजादी के इस जश्न में इसकी कीमत चुकाने वाले बलिदानियों को याद करना चाहिए , उनके जीवटता और जज्बे के कारण ही हम आज आजाद हवा में सांस ले रहे हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि अमृत महोत्सव के तहत जो भी कार्यक्रम किये जा रहे हैं इसमें सभी सहभागिता करें और जश्न के बीच कोविड-19 के खतरे को भी न भूले और प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करें।   इस दौरान भाजपा के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष धन्नू लाल गौतम व नीति शास्त्री समेत जेडीए उपाध्यक्ष सर्वेश दीक्षित भी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने जनपद वासियों को शुभकामनाएं देते हुए नगर के विकास की उपलब्धिंया गिनवाई। उन्होंने कहा कि झांसी की ऐतिहासिक भूमि का विकास भी ऐतिहासिक होगा। 

उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक दुर्ग का भी विकास कार्य शुरु होने जा रहा है। इससे पूर्व एसएसपी कार्यालय समेत सभी थानों व जनपद के सभी विद्यालयों में भी ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता दिवस को धूमधाम से मनाया गया। आजादी के दिन लोगों का जोश सड़कों पर भी दिखायी दिया और डीजे पर बजते राष्ट भक्ति के गीतों पर थिरकते हुए युवाओं, छात्रों, व्यापारियों आदि की टोलियों ने तिरंगा यात्राएं निकालीं। लोगों में आजादी के प्रति जागरुकता दिखाई दी। अपने वाहनों पर तिरंगा लगाए हुए लोग ‘‘ भारत माता की जय'' के नारे लगाते सड़कों पर दिखाई दिए। पूरा बाजार भी बंद रहा। आजादी के इस 75वें साल में झांसीवासियों को एक बडी निराशा का भी सामना करना पडा। पिछले वर्षों में यह परंपरा रही है कि स्वतंत्रता दिवस पर दुर्ग के दरवाजे खुले रहते थे किन्तु दुर्ग के दरवाजे बंद कर दिये गये और लोगों को किले के भीतर नहीं जाने दिया गया। इस कारण बच्चों और युवाओं में खासा नाराजगी दिखायी दी। किले घूमने और महारानी लक्ष्मीबाई की वीरता के प्रतीक दुर्ग को देखने की चाहत लिए अपने माता-पिता के साथ जल्दी सुबह यहां आये बच्चों को निराशा हाथ लगी। 


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Content Writer

Ramkesh

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