NPR के नाम पर मुस्लिमों को डरा के अपनी जेब गर्म कर रहा है गैंग

1/10/2020 11:19:52 AM

शाहजहांपुरः राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर का पहला चरण 16 मई से शुरू होना है। पर NPR को लेकर मुस्लिम वर्ग में डर पैदा किया जा रहा है। जिससे हड़कंप साफ देखा जा सकता है। नतीजतन NPR को लेकर तमाम तरह की भ्रांति पाले बैठे हैं। इसी का फायदा कुछ गैंग उठाने लगे हैं।

वोटरलिस्ट खुद निकलवाने की फीस है बेहद कम
बता दें कि गैंग में कुछ पढ़े लिखे लोग NPR का डर पैदा कर अपनी जेब गर्म करने में लगे हैं। वह लोगों से अच्छी खासी रकम ऐंठ कर नागरिकता के पुख्ता कागजात उपलब्ध कराने का झांसा दे रहे हैं। मुस्लिम इलाकों में लोगों में जागरूकता की कमी का गैंग पूरा फायदा उठा रहा है। वोटरलिस्ट अगर खुद निकलवाएं तो उसकी फीस बेहद कम है।

पैसे देकर मंगवा रहे हैं पुरानी वोटर लिस्ट कॉपी
गैंग के लोग बड़ी चालाकी से मुस्लिमों को डरा रहे हैं कि अगर उनके पास मकान, दुकान के कागजों में, वोटरलिस्ट आदि में दादा परदादा का नाम नहीं होगा तो बाहरी समझे जाएंगे। असली बात को कोई भी मुस्लिम जानना और समझना चाहता नहीं है। इसलिए झांसा देने वालों को वह रुपया देकर पुरानी वोटरलिस्ट की कॉपी मंगवा रहे हैं। नगर पालिका के रजिस्टरों में दर्ज पुरखों के नाम वाला रजिस्टर्ड पन्ना भी मंगवा रहे हैं।

बता दें कि लोग अपनी नागरिकता के पुख्ता सबूत के लिए 70 साल पुरानी वोटर लिस्ट निकलवाने में लग गए हैं। जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जनसेवा केंद्रों में आवेदन की संख्या बढ़ने लगी है। 

1948 से 1958 के वोटरलिस्ट की ज्यादा डिमांड
सीएए व एनपीआर को लेकर लोग अपने भ्रम को दूर नहीं कर पा रहे हैं। लोग खुद ही निर्वाचन कार्यालय पहुंच कर 70 साल पुरानी वोटर लिस्ट की डिमांड करनी शुरू कर दी है। 40-50 लोगों का प्रतिदिन निर्वाचन कार्यालय पहुंच रहे हैं। लोग सन् 1948 एवं 1950 की वोटर लिस्ट के साथ ही साथ नई वोटर लिस्ट निकालवाकर अपने अपने परिवार के सदस्यों का मिलान कर रहे हैं।

 

 


Ajay kumar

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