लॉकडाउनः मुसाफिर हूं यारों घर है जाना...बहुत चलते जाना है

punjabkesari.in Saturday, Mar 28, 2020 - 01:32 PM (IST)

लखनऊः भय का पर्याय बन चुके खतरनाक कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते चेन रिएक्शन को तोड़ने के लिए प्रधानमंत्री ने पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने अपने घर की दहलीज को ‘लक्ष्मण रेखा’ मानने की अपील भी पूरे देश से की है। अपने घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर कमाने के लिए निकले मजदूर के लिए ये आसान नहीं है। काम बंद होते ही इन्हें खाने तक के लाले पड़ गए हैं। ऐसे में इनका एक ही सहारा बचता है। इनका शहर जहां इनका अपना आशियाना है। लॉकडाउन के दौरान पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह से बंद होने पर बेबस होकर अपनी दहलीज तक पहुंचने के लिए ये पैदल ही सफर पर निकल पड़े हैं....।
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घरों के लिए पैदल ही निकल पड़े हैं मजदूर
दरअसल लॉकडाउन के बाद से ही कई अन्य राज्यों से अपने घरों के लिए लोगों का पलायन शुरू हो गया है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद हो जाने के कारण लोग दूध के टैंकर, मालगाड़ी और रेलवे लाइन का किनारा लेकर पैदल ही अपने घरों के लिए निकल पड़े हैं। ऐसे में जहां ये लोग अपनी जान को जोखिम में डाल रहे हैं, वहीं सरकार और प्रशासन के लिए भी समस्या बन गए हैं।
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अमेठीः इलाज के लिए पैसे नहीं थे तो गुड़गांव से अमेठी पहुंचे
हरियाणा, दिल्ली और यूपी की सीमाओं को पार कर अनीता यादव अपने पति रामकुमार यादव के साथ बाइक से 690 किलोमीटर का सफर तय कर अमेठी की सीमा पर आ पहुंची। लेकिन, शिवरतंगज पुलिस ने हजारीगंज पर उन्हें रोका। पूछताछ के बाद पुलिस ने बाइक का चालान काट दिया और दंपती को कोरोना की जांच के लिए अस्पताल भेज दिया। अनीता ने बताया- वे जगदीशपुर की निवासी हैं। पति को तनख्वाह मिली नहीं और किसी से पैसा मांगने पर भी नहीं मिला। अब हम अपने घर जा रहे हैं और हमारे घर वाले हमारी दवा कराएंगे।
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झांसी: मुंबई से प्रतापगढ़ जा रहे लोगों में मिली बीमार महिला, भर्ती
झांसी में पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही है। गुरुवार रात महाराष्ट्र नंबर की एक कार रोकी गई। इसमें एक बुजुर्ग महिला समेत 5 लोग सवार थे। महिला की तबीयत खराब थी तो पुलिस ने डीएम के कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। टीम ने थर्मल स्क्रीनिंग की तो महिला को 102 डिग्री बुखार था। फिर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। कार चला रहे युवक ने बताया कि वे मुंबई से अपने घर प्रतापगढ़ जा रहे हैं।
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कानपुर: मालगाड़ी से 200 व्यक्तियों को उतारकर कराया चेकिंग
लॉकडाउन के बीच लोग घर पहुंचने के लिए कई तरीके अपना रहे हैं। कानपुर में गुरुवार रात ऐसे कई लोगों को मालगाड़ी से उतारा गया जो चोरी छिपे उत्तर प्रदेश आ रहे थे। स्टेशन पर महाराष्ट्र के नासिक से चढ़े करीब 200 व्यक्तियों को उतारकर उनकी चेकिंग की गई। उनके हाथों पर 14 दिन तक घर में क्वारैंटाइन रहने की मुहर लगी थी।
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बिजनौरः उत्तराखंड से दूध के टैंकर में बैठकर बिजनौर आए लोगों को उनके घरों तक पहुंचाया गया। वहीं पुलिस प्रशासन ने उत्तराखंड सरकार से लोगों को वहीं रोकने की अपील भी की है।

लखीमपुरः इस दौरान लखीमपुर में कुछ नेपाली मजदूरों को नेपाल वापस जाते वक्त पकड़ा गया। वे गौरीफंटा के पास पकड़े गए थे। प्रदेश सरकार ने विदेश मंत्रालय से संपर्क कर उन्हें नेपाल भिजवाया।

बुलंदशहरः इसी तरह जिला प्रशासन को सूचना देकर पुलिस ने ऐसे लोगों की मदद की। बुलंदशहर के कुछ मजदूरों को रोडवेज़ की बस से उनके घर भेजा गया। वहीं चंदौली में रेलवे ट्रैक के सहारे पैदल ही बिहार के समस्तीपुर जा रहे लोगों को भी खाना-खिलाकर निजी वाहनों की व्यस्था कर गंतव्य तक भेजा गया।
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अयोध्या: रैपिड एक्शन फोर्स कर रही है गश्त
लॉकडाउन को लागू कराने के लिए अब आरएएफ के जवान गली-गली में गश्त कर रहे हैं। लाउडस्पीकर से कोरेाना के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पुलिस जरूरी सामान की होम डिलीवरी कर रही है। इस बीच मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी मुस्लिम समाज से जुमा और अन्य दिनों की नमाज अपने घरों में अदा करने की अपील की।

यूपी पुलिस ने की है ये व्यवस्था
अगर ऐसे कोई भी लोग जो लॉकडाउन की वजह से रास्ते में फंसे हैं उनके लिए पुलिस और प्रशासन मदद के लिए तैयार है. यूपी पुलिस के डीजीपी एचसी अवस्थी डीजीपी एचसी अवस्थी ने न्यूज़18 से बातचीत में बताया गए कि दुसरे राज्यों से पलायन कर आ आ रहे पकड़े गए लोगों को घर पहुंचाने या उसी शहर में रुकने की व्यवस्था जिला प्रशासन करा रहा है. जिस राज्य से कामगार आ रहे हैं उस राज्य से संपर्क किया जा रहा है. उन्होंने संबंधित राज्यों की सरकारों से यह अपील भी की है कि यूपी के कामगारों को उनके काम करने के स्थान पर ही रोककर खाने पीने की व्यवस्था की जाए।
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फंसने पर डायल करें यूपी 112
बता दें यूपी पुलिस की इमरजेंसी सेवा 112 लगातार लोगों की मदद कर रही है। अगर आप कहीं भी फंसे हैं या इमरजेंसी की स्थिति है तो बेहिचक Whatsapp नंबर 75700001000 पर मैसेज करें कुछ ही मिनटों में पीआरवी आपकी मदद के लिए पहुंचेगी।

प्रयागराज: एडीजी ने घर पर तैयार करवाया भोजन का पैकेट
कोरोना के खतरे के बीच भूखों के लिए पुलिस भोजन भी उपलब्ध करा रही है। इस कार्य में पुलिस के साथ जीआरपी और आरपीएफ के जवान भी लगे हैं। प्रयागराज जोन के एडीजी प्रेम प्रकाश अपने घर पर ही हलवाई बुलाकर भोजन के पैकेट तैयार करवा रहे हैं। इसी तरह सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में तैनात पुलिसकर्मियों ने भी जरूरतमंदों के लिए भोजन के पैकेट तैयार कर बांटे।

पुलिस ने बताया कि कुछ ऐसे मामले भी देखने को मिले हैं, जहां पुलिस ऐसे लोगों को जिला प्रशासन के सुपुर्द करती है। जिला प्रशासन उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने या फिर वहीँ रुकने व खाने पीने की व्यवस्था कर रही है। बता दें यूपी बिहार के तमाम लोग दिल्ली, राजस्थान और उत्तराखंड में काम करते हैं। वे लोग पलायन कर अपने-अपने घरों को निकल पड़े हैं और रास्ते में फंस गए हैं।

 

 


 

 

 


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Ajay kumar

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