इंस्टाग्राम का मायाजाल! 4 नाबालिग सहेलियां ऑनलाइन दोस्त के जाल में फंसीं, घर से भागीं—ट्रेन में देख GRP भी रह गई सन्न
punjabkesari.in Monday, Jan 05, 2026 - 07:03 AM (IST)
Noida/Shahjahanpur News: सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल और किशोरावस्था की नासमझी कैसे एक हंसते-खेलते परिवार को गहरे सदमे में डाल सकती है, इसका चौंकाने वाला मामला नोएडा से सामने आया है। यहां एक ही बिल्डिंग में रहने वाली चार नाबालिग लड़कियां इंस्टाग्राम पर बने एक अनजान दोस्त के बहकावे में आकर घर से भाग गईं। ये चारों लड़कियां प्रयागराज जाने के लिए काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस में सवार हो गईं। मामला तब और हैरान करने वाला बन गया जब पुलिस को पता चला कि लड़कियों ने घर छोड़ने का फैसला सिर्फ इसलिए लिया क्योंकि उनके माता-पिता ने उन्हें घर की छत पर घूमने से मना कर दिया था। हालांकि किस्मत अच्छी रही कि समय रहते जीआरपी ने उन्हें ट्रेन में ही पकड़ लिया।
इंस्टाग्राम से शुरू हुई पूरी कहानी
यह घटना नोएडा के एक घनी आबादी वाले इलाके की है। एक ही मकान की ऊपर और नीचे की मंजिलों पर रहने वाले दो परिवारों की चार बेटियां आपस में अच्छी दोस्त थीं। इनमें से एक 15 साल की लड़की इंस्टाग्राम पर काफी ज्यादा एक्टिव रहती थी। कुछ समय पहले उसकी पहचान प्रयागराज के एक युवक से हुई। दोनों के बीच धीरे-धीरे घंटों चैटिंग होने लगी। युवक ने लड़की को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया और उसे प्रयागराज आने के लिए तैयार कर लिया। इतना ही नहीं, उसने लड़की को यह भी कहा कि वह अपनी बाकी तीन सहेलियों को भी साथ लेकर आए।
छत पर जाने की पाबंदी बनी घर छोड़ने की वजह
पुलिस की शुरुआती जांच में जो वजह सामने आई, वह और भी चौंकाने वाली है। पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि उनके माता-पिता उन्हें सुरक्षा कारणों से अकेले छत पर घूमने या टहलने से रोकते थे। परिजनों का कहना था कि छत पर अकेले जाना सुरक्षित नहीं है, लेकिन किशोरियों ने इसे अपनी आजादी पर रोक मान लिया। इसी नाराजगी और इंस्टाग्राम पर बने दोस्त के बहकावे में आकर उन्होंने एक साथ घर छोड़ने का फैसला कर लिया।
काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस में बैठकर निकल पड़ीं प्रयागराज
योजना के मुताबिक, चारों लड़कियां शनिवार रात चुपचाप घर से निकलीं और सीधे रेलवे स्टेशन पहुंच गईं। वहां से उन्होंने प्रयागराज जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस पकड़ ली। शुरुआत में लड़कियां काफी उत्साहित थीं, लेकिन जैसे-जैसे ट्रेन आगे बढ़ी, उनका डर भी बढ़ने लगा। जब ट्रेन आधी रात के समय बरेली के पास पहुंची, तो सुनसान माहौल और अजनबियों को देखकर वे घबरा गईं। तभी उन्हें एहसास हुआ कि वे एक अनजान व्यक्ति के भरोसे घर से निकल आई हैं और उनकी सुरक्षा खतरे में है।
शाहजहांपुर में जीआरपी ने बचाई जान
ट्रेन जब शाहजहांपुर स्टेशन पहुंची, तो वहां तैनात जीआरपी के जवानों की नजर इन चार डरी-सहमी लड़कियों पर पड़ी। पुलिस को शक हुआ तो उनसे पूछताछ की गई। शुरुआत में लड़कियां घबरा गईं और सही जवाब नहीं दे पाईं। इसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें भरोसे में लिया, तब लड़कियों ने पूरी सच्चाई बता दी। पुलिस ने तुरंत उनके परिवार वालों को सूचना दी। फिलहाल शाहजहांपुर में तीन लड़कियों को सुरक्षित बरामद किए जाने की पुष्टि हुई है। चौथी लड़की और पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए नोएडा और शाहजहांपुर पुलिस मिलकर जांच कर रही है।
अभिभावकों के लिए बड़ी चेतावनी
यह घटना उन सभी माता-पिता के लिए एक बड़ी चेतावनी है जिनके बच्चे सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर बच्चों को बहलाने-फुसलाने यानी ‘ग्रूमिंग’ के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पुलिस अब प्रयागराज के उस युवक के इंस्टाग्राम अकाउंट की जांच कर रही है और उसके आईपी एड्रेस के जरिए लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। नोएडा पुलिस ने इस मामले में अपहरण और बहला-फुसलाकर ले जाने की धाराओं में केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

