सनातनियों की भावना का सम्मान हुआ, IPL से बांग्लादेशी क्रिकेटर को हटाए जाने पर बोले- देवकीनंदन महाराज
punjabkesari.in Saturday, Jan 03, 2026 - 07:28 PM (IST)
मथुरा: प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन महाराज ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में बांग्लादेशी खिलाड़यिों को शामिल न करने के निर्णय पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोडर् (बीसीसीआई) का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान है और उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो सनातनियों पर हो रहे अत्याचारों को अनदेखा करते हैं।
देवकीनंदन महाराज ने पत्रकारों से कहा, ' कुछ दिन पहले मुंबई में 50 हजार लोगों की उपस्थिति में मैंने यह मांग उठाई थी कि बांग्लादेशी क्रिकेटरों को भारत से बाहर किया जाना चाहिए। वहां जिस तरह से हिंदू मंदिरों को जलाया जा रहा है और हमारी माताओं-बहनों को प्रताड़ति किया जा रहा है, उसे कोई भी सच्चा सनातनी बर्दाश्त नहीं कर सकता। मुझे खुशी है कि मेरी आवाज सही जगह तक पहुंची और बीसीसीआई ने जनभावनाओं को समझते हुए बांग्लादेशी खिलाड़यिों को आईपीएल से दूर रखने का निर्णय लिया है।' महाराज ने कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के मालिक और बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान की चुप्पी पर कड़ा ऐतराज जताया।
उन्होंने कहा, ' पूरा देश इस विषय पर बहस कर रहा है, लेकिन मिस्टर केकेआर की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। आप देश और बहुसंख्यक सनातनियों से ऊपर नहीं हैं। केकेआर टीम के पास समय था, वे खुद बांग्लादेशी खिलाड़ी को छोड़ने का फैसला ले सकते थे।' उन्होंने मांग की कि सेलिब्रिटीज को भी आगे आकर यह कहना चाहिए कि वे हिंदुओं के साथ खड़े हैं।
देवकीनंदन महाराज ने इस मुहिम की सफलता का श्रेय सोशल मीडिया और मीडिया के समर्थन को दिया। उन्होंने अपील की कि जिस देश में हिंदू भाई-बहनों पर अत्याचार हो रहा हो, उस देश के खिलाड़ियों को भारत से आर्थिक लाभ नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने अंत में सभी देशवासियों से आह्वान किया कि अपनी अगली पीढ़ी और धर्म की रक्षा के लिए इसी तरह एकजुट रहें।

