UP Politics: अखिलेश यादव की ''समानता भाईचारा रैली'' को लेकर गरमाई यूपी की सियासत, क्या बदल जाएगा 2027 में सियासी समीकरण?
punjabkesari.in Friday, Mar 27, 2026 - 05:17 PM (IST)
अमरोहा: दादरी में 29 मार्च को अखिलेश यादव की ‘समाजवादी समानता भाईचारा रैली' को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सियासी सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। पार्टी सूत्रों का दावा है कि इस रैली के बाद 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पश्चिमांचल के राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।
अखिलेश करेंगे 2027 के चुनाव का औपचारिक शंखनाद!
समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव 29 मार्च को गौतमबुद्ध नगर जिले की दादरी विधानसभा क्षेत्र में मिहिर भोज डिग्री कॉलेज मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इस रैली को सपा 2027 विधानसभा चुनाव का औपचारिक शंखनाद माना जा रहा है। पश्चिमी यूपी की करीब 140 विधानसभा सीटों पर फोकस करते हुए पार्टी राजनीतिक समीकरण को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा 140 विधानसभा सीट पर जनसंपर्क के बाद दादरी रैली को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में ख़ासतौर से पश्चिम उत्तर के युवाओं में उत्साह का खासा माहौल है।
एक लाख से अधिक लोगों के जुटने का अनुमान
रैली आयोजकों का मानना है कि अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बुलंदशहर, गौतमबुद्ध नगर समेत आसपास के 32 जिलों से हजारों कार्यकर्ता और समर्थक रैली में पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, एक लाख से अधिक लोगों के जुटने का अनुमान है। रैली में अखिलेश यादव पश्चिमांचल की जनता से सीधा संवाद करेंगे और 2027 के लिए‘समानता व भाईचारे'का संदेश देंगे। वर्ष 2012 के चुनाव में दादरी से ही सपा की जीत की नींव पड़ी थी। पार्टी इसे दोहराने की कोशिश कर रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गुर्जर, जाट, यादव, मुस्लिम और अन्य पिछड़े वर्गों को एकजुट करने की रणनीति के तहत यह रैली अहम मानी जा रही है।
भाजपा ने भी की तैयारियां तेज
भाजपा की ओर से भी इस क्षेत्र में तैयारियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय सचिव एवं राज्य सभा सदस्य सुरेंद्र नागर,जेवर एयरपोटर् उद्घाटन रैली में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को शामिल होने के लिए पश्चिम उत्तर प्रदेश एनसीआर में गांव गांव संपकर् कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 28 मार्च को जेवर एयरपोर्ट उद्घाटन रैली के ठीक एक दिन बाद सपा की यह सभा दोनों दलों के बीच सीधा मुकाबला दर्शाती है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि यदि रैली सफल रही तो पश्चिमी यूपी में सपा की पकड़ मजबूत होगी और 2027 में सत्ता समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। अमरोहा सहित आसपास के जिलों में सपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर रैली की सफलता के लिए जनसंपकर् अभियान चला रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि दादरी रैली पश्चिमांचल की 140 सीटों पर सपा की दावेदारी को नई दिशा देगी। अब देखना होगा कि यह रैली कितना असर छोड़ती है और 2027 के चुनावी मैदान में कितना बदलाव लाती है।

