सावधान! सफेद कोट के पीछे छिपे हैं कसाई: एम्बुलेंस ड्राइवर बना सर्जन, कानपुर में IMA पदाधिकारी सहित 6 गिरफ्तार

punjabkesari.in Monday, Apr 06, 2026 - 12:35 PM (IST)

Kanpur News: उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस ने इंसानी अंगों की तस्करी करने वाले एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार मेरठ से लेकर बिहार तक जुड़े हुए हैं। महज 6 लाख रुपए के लालच में एक छात्र की किडनी निकालने और फर्जी डॉक्टरों के जरिए ऑपरेशन कराने वाले इस गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में मेरठ के एक अस्पताल और आईएमए (IMA) की पदाधिकारी का नाम सामने आने से हड़कंप मच गया है।

पैसों के विवाद ने खोल दी पोल
इस पूरे खेल का खुलासा तब हुआ जब बिहार के रहने वाले और देहरादून में पढ़ाई कर रहे छात्र आयुष को तय रकम से कम पैसे मिले। गिरोह ने आयुष को किडनी देने के बदले 6 लाख रुपए का लालच दिया था, लेकिन उसे केवल 3.50 लाख रुपए ही दिए गए। ठगे जाने के अहसास के बाद आयुष ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद कानपुर के अहूजा अस्पताल पर छापेमारी की गई।

नोटों की गड्डियों पर डॉक्टर की रील वायरल
गिरोह के पर्दाफाश के बीच मेरठ के अल्फा अस्पताल के कथित डॉक्टर अफजल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। वीडियो में आरोपी अफजल बिस्तर पर नोटों की गड्डियों के साथ लेटा हुआ है और रील बनवा रहा है। यह वीडियो इस काले कारोबार में हो रही मोटी कमाई की गवाही दे रहा है। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन अब अफजल नाम के किसी भी डॉक्टर के होने से इनकार कर रहा है।

डॉक्टर नहीं, टेक्नीशियन और ड्राइवर कर रहे थे ऑपरेशन
जांच में जो सबसे डरावना सच सामने आया, वह यह कि मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। जिसे पुलिस डॉक्टर मुदस्सर अली समझ रही थी, वह असल में एक ओटी टेक्नीशियन निकला। गिरोह में शामिल एक एम्बुलेंस चालक शिवम भी सफेद कोट पहनकर फर्जी डॉक्टर बना हुआ था और लोगों को ठग रहा था। मेरठ के अल्फा अस्पताल के डॉ. अफजल ने ही टेलीग्राम के जरिए किडनी डोनर की डिमांड डाली थी।

IMA पदाधिकारी और रसूखदार डॉक्टर गिरफ्तार
कानपुर पुलिस ने इस मामले में अहूजा अस्पताल के मालिक डॉ. सुरजीत सिंह और उनकी पत्नी प्रीति अहूजा को जेल भेज दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि प्रीति अहूजा कानपुर आईएमए की उपाध्यक्ष पद पर तैनात थीं। इनके अलावा गाजियाबाद के दो ओटी टेक्नीशियन कुलदीप और राजेश को भी दबोचा गया है।

मेरठ स्वास्थ्य विभाग की सख्त कार्रवाई
मेरठ के सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अल्फा अस्पताल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अस्पताल के फिजियोथैरेपिस्ट अमित कुमार और डॉक्टर वैभव मुदगल से 3 दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है। फिलहाल पुलिस अस्पताल के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि अब तक कितने लोगों की किडनी निकाली जा चुकी है।


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Content Editor

Anil Kapoor

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