आजमगढ़ से ISI का संदिग्ध गिरफ्तार, भड़के OP राजभर बोले- ''सपा के गढ़ से आतंकी पकड़ा जाना दुर्भाग्यपूर्ण, नेता दे रहे संरक्षण''

punjabkesari.in Wednesday, Jun 03, 2026 - 07:33 AM (IST)

Azamgarh/Lucknow: उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बीते मंगलवार को आजमगढ़ से पाक समर्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़े एक संदिग्ध की गिरफ्तारी पर एटीएस को बधाई दी। उन्होंने साथ ही इस मामले को समाजवादी पार्टी से जोड़ते हुए कहा कि सपा के गढ़ से आतंकी पकड़ा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। आजमगढ़ से मोहम्मद शेख की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि एटीएस ने राष्ट्र और समाज के हित में कार्रवाई की है। मैं इस कार्रवाई के लिए उसे बधाई देता हूं।

पाकिस्तानी गैंगस्टर और ISI नेटवर्क के लिए काम कर रहा था मोहम्मद शेख
एटीएस ने सोमवार को बताया था कि निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदाददपुर गांव निवासी मोहम्मद शेख को पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आईएसआई से जुड़े आतंकी नेटवर्क के लिए काम करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एटीएस के मुताबिक, शेख को पाकिस्तान में मौजूद आका सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप के जरिए कट्टरपंथी बना रहे थे। वह नेटवर्क के गुर्गों के संपर्क में था और स्थानीय युवाओं की भर्ती का प्रयास कर रहा था। एजेंसी ने आरोप लगाया कि उसे दूसरे राज्य की एक महिला नेता को धमकी देने का टेस्ट मिशन भी सौंपा गया था।

अखिलेश के गढ़ आजमगढ़ में राजभर के आरोप से गरमाई सियासत
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख राजभर ने गिरफ्तारी को सपा से जोड़ते हुए आरोप लगाया कि दुर्भाग्यपूर्ण है कि आतंकियों को उस क्षेत्र से पकड़ा जा रहा है जिसे सपा का गढ़ माना जाता है। इसका मतलब है कि सपा नेता आजमगढ़ में आतंकियों को संरक्षण देते हैं। हालांकि, मंत्री ने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। आजमगढ़ पूर्वी उत्तर प्रदेश में सपा का प्रमुख गढ़ माना जाता है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चचेरे भाई धर्मेंद्र यादव वर्तमान में यहां से सांसद हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी ने जिले की सभी 10 सीटें जीती थीं।

मोहम्मद शेख पर UAPA के तहत मुकदमा दर्ज
एटीएस ने शेख के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, शस्त्र अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम (यूएपीए) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। उसके पास से 9 एमएम पिस्टल, 4 कारतूस और मोबाइल फोन बरामद हुआ है। लखनऊ के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और ऐसे अंतरराष्ट्रीय मामलों में संवेदनशील दृष्टिकोण जरूरी है। एक अधिकारी ने कहा कि गहन जांच के बाद ही निष्कर्ष निकाला जा सकता है, क्योंकि कानूनी कार्रवाई जारी है।


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Anil Kapoor

Related News

static