चक्रवात 'दित्वा' से तमिलनाडु में भारी बारिश, तीन की मौत मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह, श्रीलंका में ले चुका है 200 की जान
punjabkesari.in Sunday, Nov 30, 2025 - 07:06 PM (IST)
यूपी डेस्क: चक्रवाती तूफान 'दित्वा' से श्रीलंका में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद रविवार को 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। अब इसका असर भारत में दिखाई दे रहा है। चक्रवात दित्वा' के प्रभाव से तमिलनाडु के कई हिस्सों में भारी बारिश जारी है जबकि वर्षा से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। राज्य सरकार ने रविवार को यह जानकारी दी। मौसम कार्यालय ने कहा कि अगले 24 घंटों में चक्रवात के राज्य के उत्तरी हिस्सों के तटों और पड़ोसी पुडुचेरी के समानांतर बढ़ने की संभावना है। तमिलनाडु के कावेरी डेल्टा जिलों में भारी बारिश के कारण रामनाथपुरम और नागपट्टिनम जिलों में भारी बारिश हुई है। तटीय शहरों रामेश्वरम और नागपट्टिनम में जनजीवन प्रभावित रहा क्योंकि भारी बारिश के कारण कई निचले इलाके जलमग्न हो गए।
तमिलनाडु-पुडुचेरी से चक्रवात के केंद्र की न्यूनतम दूरी लगभग 70 किमी
क्षेत्रीय मौसम विभाग के नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, चक्रवात 7 किमी प्रति घंटे की गति से लगभग उत्तर की ओर बढ़ गया है और यह कुड्डालोर से लगभग 100 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व, कराईकल से 100 किमी उत्तरपूर्व, पुडुचेरी से 110 किमी दक्षिणपूर्व, वेदारण्यम से 140 किमी उत्तरपूर्व, पुडुचेरी से 160 किमी दक्षिणपूर्व और चेन्नई से 180 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व में केंद्रित है। मौसम विभाग द्वारा रविवार दोपहर जारी बुलेटिन में कहा गया है कि उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी तटों से चक्रवात के केंद्र की न्यूनतम दूरी लगभग 70 किमी है। बुलेटिन में कहा गया है, ‘‘अगले 24 घंटों के दौरान इसके उत्तरी तमिलनाडु-पुडुचेरी तटों के समानांतर उत्तर की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है।
भारी बारिश होने की संभावना
उत्तर की ओर बढ़ते हुए, चक्रवाती तूफान 30 नवंबर तक दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर न्यूनतम 60 किमी और तमिलनाडु-पुडुचेरी तटरेखा से 30 किमी की दूरी पर केंद्रित होगा।'' चक्रवात के प्रभाव के कारण, अगले 24 घंटों में कुड्डालोर, नागापट्टिनम, मयिलादुथुराई, विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू, पुदुक्कोट्टई, तंजावुर, तिरुवरूर, अरियालुर, पेरम्बलुर, तिरुचिरापल्ली, चेन्नई, कांचीपुरम, तिरुवल्लूर और रानीपेट जिलों तथा पुडुचेरी और कराईकल में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। उत्तरी तटीय तमिलनाडु और पुडुचेरी में 60-70 किमी प्रति घंटे की गति से तेज़ हवाएं चलने की संभावना है, जो बढ़कर 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
बुलेटिन में कहा गया है कि समुद्र का मौसम खराब रहने की आशंका है और 1 दिसंबर की सुबह तक इसमें धीरे-धीरे सुधार होने की उम्मीद है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री के. के. एस. एस. आर. रामचंद्रन ने बताया कि राज्य सरकार ने राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) सहित 38 आपदा प्रतिक्रिया टीम को मुस्तैद रखा है। अन्य राज्यों की 10 और टीम शनिवार शाम राहत एवं पुनर्वास कार्य में जुट गईं। उन्होंने बताया कि चक्रवात ‘दित्वा' के कारण हुई बारिश से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई है।
तीन लोगों की बारिश से हुई मौत
मंत्री ने बताया कि डेल्टा जिलों में 149 मवेशियों की मौत हो गई और 57,000 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है। उन्होंने रविवार को राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र में पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा, ‘‘कल शाम से बारिश से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की जान जा चुकी है। तूतीकोरिन और तंजावुर में दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि मयिलादुथुराई में करंट लगने से 20 वर्षीय एक युवक की मौत हो गई।
चेन्नई तट से टकराये बिना ही प्रभावहीन हो जाएगा
निजी मौसम ब्लॉगरों ने कहा कि चक्रवात कमज़ोर होकर गहरे अवदाब वाले क्षेत्र में बदल जाएगा। मयिलादुथुराई में पिछले 24 घंटों में 140-220 मिमी भारी बारिश दर्ज की गई। एक अन्य निजी ब्लॉगर ने कहा, ‘‘चक्रवात और कमज़ोर होकर गहरे अवदाब वाले क्षेत्र में बदल जाएगा और फिर उत्तर की ओर बढ़ जाएगा। उम्मीद है कि यह चक्रवात एक और दिन समुद्र के ऊपर बना रहेगा और चेन्नई तट से टकराये बिना ही प्रभावहीन हो जाएगा।'' इस चक्रवात का यमन द्वारा सुझाया गया नाम 'दित्वा' एक लैगून को संदर्भित करता है और संभवतः यह सोकोत्रा के उत्तर-पश्चिमी तट पर स्थित खारे पानी के एक बड़े लैगून, ‘दित्वा' से आया है।

